🎯 विषय: सामर्थ्य : 📖 1 इतिहास 16:11
📖 पवित्रशास्त्र :
“यहोवा और उसकी सामर्थ्य की खोज करो; उसके दर्शन के लिए लगातार खोज करो।”
1 इतिहास 16:11
💡 मनन:
परमेश्वर चाहता है कि हम केवल अपनी सामर्थ्य पर निर्भर न रहें, बल्कि उसकी शक्ति को खोजें। यह वचन हमें निरन्तर प्रभु को खोजने और उसकी उपस्थिति में बने रहने के लिए प्रोत्साहित करता है। जीवन की चुनौतियों, जिम्मेदारियों और कठिन परिस्थितियों में परमेश्वर हमें अपनी शक्ति प्रदान करता है। जब हम प्रार्थना और उसके वचन के द्वारा उसके निकट आते हैं, तब वह हमें धैर्य, बुद्धि और सामर्थ्य देता है। आत्मिक सामर्थ्य परमेश्वर पर प्रतिदिन निर्भर रहने से बढ़ती है।
🙏 प्रार्थना:
हे स्वर्गीय पिता, मुझे प्रतिदिन आपको खोजने और अपनी नहीं बल्कि आपकी सामर्थ्य पर निर्भर रहने की शिक्षा दीजिए। हर परिस्थिति में मुझे आपके निकट बनाए रखिए। यीशु के नाम में, आमीन।


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