आज का वचन | October 21, 2026

🎯 विषय: परिवार : 📖 भजन संहिता 128:3

📖 पवित्रशास्त्र :

“तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी; तेरी मेज़ के चारों ओर तेरे बालक जलपाई के पौधे से होंगे।”
‭‭भजन संहिता‬ ‭128‬:‭3‬ ‭

💡 मनन:

परिवार परमेश्वर की एक अनमोल देन है। भजन संहिता 128 हमें ऐसे घर का चित्र दिखाती है जहाँ परमेश्वर का आदर किया जाता है। एक मजबूत परिवार पूर्णता से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति समर्पण से बनता है। जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे को प्रोत्साहित करते हैं और साथ मिलकर परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तब घर आशीष का स्थान बन जाता है। आज अपने परिवार के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें।

🙏 प्रार्थना:

हे स्वर्गीय पिता, परिवार के उपहार के लिए धन्यवाद। हमें प्रेम, धैर्य और एकता में बढ़ने की सहायता कर। हमारा घर तेरी उपस्थिति और अनुग्रह को प्रकट करे। यीशु के नाम में, आमीन।