🎯 विषय: दयालुता : 📖 नीतिवचन 31:26
📖 पवित्रशास्त्र :
“वह बुद्धि की बात बोलती है, और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।”
नीतिवचन 31:26
💡 मनन:
दयालुता केवल अच्छे व्यवहार तक सीमित नहीं है। यह परमेश्वर की बुद्धि और प्रेम से भरे हृदय का प्रमाण है। नीतिवचन 31:26 हमें सिखाता है कि हमारे शब्द बुद्धि और कृपा से भरे होने चाहिए। हमारी बातें किसी को उत्साहित, सांत्वना, या मार्गदर्शन दे सकती हैं। जब हम प्रेम और समझदारी से बोलते हैं, तब हम अपने आसपास के लोगों के लिए आशीष बनते हैं और अपने जीवन से परमेश्वर की महिमा करते हैं।
🙏 प्रार्थना:
हे स्वर्गीय पिता, मुझे ऐसी बुद्धि दे कि मैं दयालु और अनुग्रहपूर्ण शब्द बोलूँ। मेरी बातचीत से लोग प्रोत्साहित हों और मेरे जीवन में तेरा प्रेम दिखाई दे। यीशु के नाम में, आमीन।

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