🎯 विषय: आज्ञाकारिता : 📖 रोमियों 6:16
📖 पवित्रशास्त्र :
“क्या तुम नहीं जानते कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों के समान सौंप देते हो उसी के दास हो: चाहे पाप के, जिसका अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञाकारिता के, जिसका अन्त धार्मिकता है?”
रोमियों 6:16
💡 मनन:
आज्ञाकारिता हमारे हृदय की दिशा को प्रकट करती है। रोमियों 6:16 हमें याद दिलाता है कि हम जिन बातों का पालन करते हैं, वही हमारे जीवन को आकार देती हैं। जब हम परमेश्वर के वचन के अनुसार चलने का निश्चय करते हैं, तब हमारा जीवन धार्मिकता और आत्मिक विकास की ओर बढ़ता है। आज्ञाकारिता केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि परमेश्वर पर भरोसा करने और उसके प्रेम का उत्तर देने का एक तरीका है।
🙏 प्रार्थना:
हे स्वर्गीय पिता, मुझे ऐसा हृदय दें जो आपके वचन का पालन करना चाहे। मुझे सही निर्णय लेने की बुद्धि और आपके मार्ग पर चलने की सामर्थ्य प्रदान करें। यीशु के नाम में, आमीन।

Leave a Reply