आज का वचन | October 13, 2026

🎯 विषय: प्रार्थना : 📖 लूका 18:1

📖 पवित्रशास्त्र :

💡 मनन:

प्रार्थना केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि हमारे स्वर्गीय पिता के साथ एक जीवित संबंध है। लूका 18:1 हमें सिखाता है कि हमें निरंतर प्रार्थना करनी चाहिए और हियाव नहीं छोड़ना चाहिए। जब परिस्थितियाँ कठिन हों या उत्तर मिलने में समय लगे, तब भी हमें विश्वास के साथ परमेश्वर की ओर बने रहना चाहिए। नियमित प्रार्थना हमारे विश्वास को मजबूत करती है, हमें उसकी इच्छा समझने में सहायता देती है और आशा से भरती है।

🙏 प्रार्थना:

हे स्वर्गीय पिता, धन्यवाद कि आप मेरी प्रार्थनाएँ सुनते हैं। मेरी सहायता करें कि मैं कभी निराश न होऊँ, बल्कि विश्वास के साथ प्रतिदिन आपको खोजता रहूँ। यीशु के नाम में, आमीन।