📖 पवित्रशास्त्र का आधार
“तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।” — यिर्मयाह (Jeremiah) 29:13 (OV)
🌅 जो वास्तव में तृप्त करता है उसकी खोज
आज बहुत से विश्वासी अपनी सफलता को पहचान, ज्ञान या उपलब्धियों से मापने का संघर्ष करते हैं। परन्तु परमेश्वर अपने लोगों को प्रभावशाली बनने से पहले उसकी खोज करने के लिए बुलाता है। ए. डब्ल्यू. टोज़र (A. W. Tozer) का जीवन हमें स्मरण दिलाता है कि आत्मिक परिपक्वता परमेश्वर के साथ व्यक्तिगत संबंध से बढ़ती है। उनकी जीवन-यात्रा हमें परमेश्वर के सत्य को सीखने, उसके उद्देश्य को समझने और अंत में मसीह की आज्ञाकारिता में बुद्धिमानी से जीवन बिताने के लिए प्रेरित करती है।
📚 परमेश्वर के बुलावे से बदला हुआ जीवन
एडन विल्सन टोज़र (Aiden Wilson Tozer) (1897–1963) ने बीसवीं शताब्दी में उत्तरी अमेरिका में एक पास्टर और लेखक के रूप में सेवा की। अपने समय के अनेक सम्मानित मसीही अगुवों के विपरीत, उन्होंने कभी औपचारिक धर्मशास्त्रीय शिक्षा प्राप्त नहीं की। अपने मन-फिराव के बाद उन्होंने स्वयं को पवित्रशास्त्र के अध्ययन, प्रार्थना और स्थानीय कलीसिया में विश्वासयोग्य सेवा के लिए समर्पित कर दिया। परमेश्वर के वचन की उनकी समझ सावधानीपूर्वक बाइबल पढ़ने, पवित्र आत्मा पर निर्भर रहने और परमेश्वर के लोगों के साथ नियमित संगति के द्वारा बढ़ती गई।
टोज़र ने ऐसे समय में सेवा की जब अनेक कलीसियाएँ आत्मिक गहराई की अपेक्षा बाहरी सफलता को अधिक महत्व देने के प्रलोभन का सामना कर रही थीं। परन्तु परमेश्वर ने उनके हृदय में एक अलग प्राथमिकता रखी। पवित्रशास्त्र के द्वारा उन्होंने सीखा कि प्रत्येक विश्वासी का सबसे बड़ा बुलावा परमेश्वर को व्यक्तिगत रूप से जानना है। यही सत्य उनके प्रचार और लेखन की नींव बन गया। उन्होंने जाना कि ज्ञान की शुरुआत परमेश्वर के वचन को सुनने और पूरे मन से उसकी खोज करने के उसके बुलावे का उत्तर देने से होती है।
🔥 परमेश्वर ने समझ को गहरा किया
परमेश्वर ने टोज़र को केवल अपने विषय में जानकारी ही नहीं दी, बल्कि वर्षों की प्रार्थना, आराधना और विश्वासयोग्य आज्ञाकारिता के द्वारा उनके हृदय को भी बदलता गया। उन्होंने केवल अपनी बौद्धिक क्षमता पर निर्भर रहने के स्थान पर निरंतर प्रभु की उपस्थिति को खोजा। उनका विश्वास था कि सच्चा धर्मशास्त्र केवल परमेश्वर के विषय में अधिक ज्ञान ही न दे, बल्कि विश्वासियों को प्रभु यीशु मसीह के प्रति और भी गहरे प्रेम में ले जाए।
जब उन्होंने पवित्रशास्त्र का अध्ययन किया, तब याकूब 4:8 और भजन संहिता 42 जैसे वचनों ने उनके भीतर परमेश्वर के निकट आने की लालसा को और बढ़ाया। शांत प्रार्थना के समय ऐसे अवसर बन गए जहाँ बाइबल का सत्य उनके मन से उतरकर उनके हृदय में बस गया। साधारण पास्टरीय सेवा, आत्मिक अनुशासन और पवित्र आत्मा पर निर्भर रहने के द्वारा परमेश्वर ने उन्हें सिखाया कि आत्मिक समझ प्रतिदिन प्रभु यीशु मसीह के साथ संगति रखने से बढ़ती है। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक परमेश्वर की खोज (The Pursuit of God) इसी विश्वास को प्रकट करती है और विश्वासियों को सांसारिक सम्मान से बढ़कर परमेश्वर की उपस्थिति को खोजने के लिए प्रेरित करती है। उनकी सेवा का स्थायी प्रभाव उनकी अपनी योग्यताओं की नहीं, बल्कि परमेश्वर के उस परिवर्तनकारी अनुग्रह की गवाही देता है जो एक समर्पित सेवक के जीवन में कार्य करता है।

🌿 दैनिक विश्वासयोग्यता में प्रकट हुई बुद्धि
परमेश्वर ने टोज़र को जो बुद्धि दी, वह उनके नम्र और आज्ञाकारी जीवन में दिखाई दी। उन्होंने व्यक्तिगत आराम से अधिक सादगी को, लोकप्रियता से अधिक विश्वासयोग्यता को, और लोगों की स्वीकृति से अधिक बाइबल के सत्य को चुना। उनके संदेश हमेशा लोगों का ध्यान मनुष्य की प्रशंसा की ओर नहीं, बल्कि पश्चाताप, आराधना और प्रभु यीशु मसीह के प्रति पूरे मन से समर्पण की ओर ले जाते थे।
यद्यपि उनकी पृथ्वी की सेवा 1963 में समाप्त हो गई, फिर भी परमेश्वर आज भी उनकी पुस्तकों के द्वारा संसार भर के विश्वासियों को प्रोत्साहित कर रहा है। उनका स्थायी प्रभाव हमें स्मरण दिलाता है कि बुद्धि प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि परमेश्वर के सत्य के अनुसार विश्वासयोग्य जीवन जीने से पहचानी जाती है। जो जीवन मसीह को समर्पित होता है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी परमेश्वर की आशीष का माध्यम बन जाता है।
🔗 स्रोत
https://www.gotquestions.org/A-W-Tozer.html
💡 आत्मिक मनन
टोज़र का जीवन हमें स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर चाहता है कि हम सांसारिक उपलब्धियों से बढ़कर उसकी खोज करें। पवित्रशास्त्र सिखाता है कि परमेश्वर के निकट आने से आत्मिक सामर्थ्य और उसके साथ गहरी संगति प्राप्त होती है (याकूब 4:8)। ज्ञान की शुरुआत उसके वचन को सुनने से होती है। समझ प्रार्थना और आज्ञाकारिता में उसके साथ चलते रहने से बढ़ती है। बुद्धि तब प्रकट होती है जब हम उसके सिखाए हुए सत्य के अनुसार जीवन जीते हैं। सबसे बढ़कर, टोज़र का जीवन हमें प्रभु यीशु मसीह की ओर संकेत करता है, जो पिता को प्रकट करता है और प्रत्येक विश्वासी को अपने साथ गहरे संबंध में आने का निमंत्रण देता है (यूहन्ना 14:9)।
🌟 अंतिम प्रोत्साहन
आप आज जीवन के जिस भी समय से गुजर रहे हों, सांसारिक सफलता से बढ़कर प्रभु यीशु मसीह की खोज करना चुनिए। जब आप उसके वचन और प्रार्थना के द्वारा उसे खोजेंगे, तब वह विश्वासयोग्यता से आपके हृदय को ज्ञान से भर देगा, आपकी समझ को गहरा करेगा और अपनी महिमा के लिए आपको बुद्धि के मार्ग में चलाएगा।
🙏 प्रार्थना
हे स्वर्गीय पिता, मेरी सहायता कर कि मैं पूरे मन से तुझे खोजूँ। मेरे विश्वास को बढ़ा, मुझे आज्ञाकारी बना, अपने वचन के द्वारा मुझे बुद्धि दे, और मुझे सिखा कि मैं हर सांसारिक सफलता से बढ़कर प्रभु यीशु मसीह पर भरोसा रखूँ। आमीन।


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