सी. टी. स्टड: धन-संपत्ति से पूर्ण समर्पण तक

📖 पवित्रशास्त्र का आधार

“वरन् मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूँ। जिसके कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूँ, जिससे मैं मसीह को प्राप्‍त करूँ”
‭‭फिलिप्पियों‬ ‭3‬:‭8‬ ‭HINOVBSI‬‬

🌱 जब मसीह के पीछे चलने की कीमत चुकानी पड़ती है

बहुत से विश्वासी प्रभु यीशु मसीह का अनुसरण करना चाहते हैं, परन्तु जब उन्हें अपनी सुरक्षा, धन, प्रतिष्ठा या व्यक्तिगत योजनाओं को समर्पित करना पड़ता है, तब वे संघर्ष करते हैं। परमेश्वर अपने लोगों को सिखाता है कि सच्चा चेलापन केवल मसीह की प्रशंसा करना नहीं, बल्कि उन पर पूरे मन से भरोसा करना है। सी. टी. स्टड (C. T. Studd) का जीवन दिखाता है कि परमेश्वर किस प्रकार अपने लोगों को अपने सत्य का ज्ञान देने, उसके मूल्य को समझाने, और अंततः उसे बुद्धिमानी से जीवन में उतारने तक ले जाता है।

📚 एक हृदय जिसने परमेश्वर के सत्य का सामना किया

चार्ल्स थॉमस स्टड (Charles Thomas Studd) का जन्म सन् 1860 में इंग्लैंड (England) के एक धनी परिवार में हुआ। वे इंग्लैंड के प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक बने। उनके पिता का जीवन प्रचारक ड्वाइट एल. मूडी (Dwight L. Moody) के प्रचार के द्वारा पूरी तरह बदल गया, और उसी आत्मिक परिवर्तन ने स्टड को सुसमाचार से परिचित कराया। युवावस्था में उन्होंने प्रभु यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण किया, परन्तु परमेश्वर पवित्रशास्त्र और विश्वासयोग्य मसीही संगति के द्वारा उनके हृदय को निरन्तर आकार देते रहे। कैम्ब्रिज (Cambridge) विश्वविद्यालय में अध्ययन के समय वे “कैम्ब्रिज सेवन” (Cambridge Seven) नामक उन युवाओं के समूह से जुड़े, जिन्होंने चीन में मिशनरी सेवा के लिए अपने जीवन समर्पित किए। यद्यपि उनके पास धन, उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य था, फिर भी वे धीरे-धीरे समझने लगे कि संसार की कोई भी सफलता मसीह को जानने के महान मूल्य के बराबर नहीं हो सकती। परमेश्वर उन्हें सिखा रहे थे कि सच्चा चेलापन केवल आरामदायक धार्मिक जीवन नहीं, बल्कि प्रभु यीशु के प्रति पूर्ण निष्ठा माँगता है।

💡 परमेश्वर ने उनकी समझ को गहरा किया

प्रभु ने अपने वचन, प्रार्थना और अपनी अद्भुत व्यवस्था के द्वारा स्टड के ज्ञान को गहरी समझ में बदल दिया। फिलिप्पियों 3 जैसे पवित्रशास्त्र के भागों तथा प्रभु यीशु की पूर्ण समर्पण की बुलाहट पर मनन करते हुए उन्होंने अपने जीवन की प्राथमिकताओं को परखा। अपने भाई की मृत्यु ने भी उन्हें जीवन की क्षणभंगुरता और अनन्तता की वास्तविकता का गहरा अनुभव कराया। इससे उनका विश्वास और दृढ़ हुआ कि संसार की सम्पत्ति कभी भी आत्मा को तृप्त नहीं कर सकती और न ही अनन्त प्रतिफल दे सकती है। जब उन्होंने प्रार्थना में परमेश्वर की अगुवाई खोजी, तब उन्हें विश्वास हो गया कि प्रभु उन्हें सुसमाचार प्रचार के लिए बुला रहे हैं। उन्होंने धन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भरोसा करने के स्थान पर यह समझा कि मसीह ही विश्वासी का सबसे बड़ा धन है। परमेश्वर के अनुग्रह ने धीरे-धीरे उनकी प्राथमिकताओं को बदल दिया, और समर्पण उनके लिए भय का विषय नहीं, बल्कि उद्धारकर्ता के प्रेम का आनन्दपूर्ण उत्तर बन गया। जैसे-जैसे वे प्रतिदिन आज्ञाकारिता में चलते गए, उन्होंने अनुभव किया कि परमेश्वर की योजनाएँ मनुष्य की महत्वाकांक्षाओं से कहीं अधिक बुद्धिमान होती हैं।

🌿 बुद्धि से बदला हुआ जीवन

स्टड ने अपनी अधिकांश पैतृक सम्पत्ति दान कर दी और चाइना इनलैंड मिशन (China Inland Mission) के साथ सेवकाई आरम्भ की। बाद में परमेश्वर ने उनके लिए भारत और फिर मध्य अफ्रीका में सेवकाई के द्वार खोले, जहाँ उन्होंने उस मिशन की स्थापना में सहायता की जो आगे चलकर वर्ल्डवाइड इवेंजेलाइज़ेशन फॉर क्राइस्ट (Worldwide Evangelisation for Christ – WEC) के नाम से जाना गया। उनका भरोसा अपनी सम्पत्ति पर नहीं, बल्कि मसीह की विश्वासयोग्य व्यवस्था पर था। बीमारी, कठिनाइयों और विरोध के बावजूद वे सेवा करते रहे, क्योंकि उनका विश्वास था कि परमेश्वर का राज्य हर सांसारिक कीमत से कहीं अधिक मूल्यवान है। उनका जीवन सिखाता है कि बाइबिल की बुद्धि का अर्थ है—परमेश्वर के सत्य के अनुसार विश्वासयोग्यता से जीवन जीना और यह भरोसा रखना कि वह समर्पित जीवनों के द्वारा अपने उद्देश्य पूरे करता है।

🔗 स्रोत

https://www.wholesomewords.org/biography/biorpstudd.html

✨ सांसारिक धन से बढ़कर मसीह को चुनना

स्टड का जीवन हमें स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर प्रेमपूर्वक हमारे हाथों से अस्थायी वस्तुओं की पकड़ ढीली करते हैं, ताकि हम मसीह को और अधिक दृढ़ता से थाम सकें। पवित्रशास्त्र हमें पृथ्वी पर नहीं, बल्कि स्वर्ग में धन इकट्ठा करने की शिक्षा देता है (मत्ती 6:19–21)। जो लोग सम्पूर्ण विश्वास के साथ प्रभु पर निर्भर रहते हैं, उनके लिए वह सदैव विश्वासयोग्य बना रहता है। हम अपने समर्पण के कारण उद्धार नहीं पाते, बल्कि इसलिए कि प्रभु यीशु मसीह ने पहले अपने आपको हमारे लिए दे दिया, हम आनन्दपूर्वक अपना सब कुछ उन्हें समर्पित करते हैं। प्रत्येक विश्वासयोग्य मसीही गवाही अन्ततः किसी मनुष्य की महानता की ओर नहीं, बल्कि प्रभु यीशु मसीह के उस महान प्रेम की ओर संकेत करती है, जिसकी कृपा समर्पित हृदयों को आनन्दित चेले बना देती है।

🤲 अंतिम प्रोत्साहन

आज यदि परमेश्वर आपसे किसी बात का समर्पण माँग रहे हैं, तो स्मरण रखिए कि उनकी बुद्धि सदैव भरोसे के योग्य है। विश्वास के साथ आगे बढ़िए। जो लोग पूरे मन से मसीह का अनुसरण करते हैं, उनसे प्रभु कभी भी कोई अच्छी वस्तु नहीं रोकते।

🙏 प्रार्थना

हे स्वर्गीय पिता, मुझे सिखाइए कि मैं संसार की हर वस्तु से अधिक प्रभु यीशु को मूल्यवान समझूँ। मुझे आप पर भरोसा करने का विश्वास, आपकी आज्ञा मानने का साहस, हर परीक्षा में धैर्य और पूरे मन से प्रभु यीशु का अनुसरण करने की बुद्धि प्रदान कीजिए। आमीन।


Comments

Leave a comment